बबूल की फली की सब्जी – पारंपरिक भारतीय रसोई का अनोखा स्वाद और लाभ
बबूल की फली की सब्जी – पारंपरिक भारतीय रसोई का अनोखा स्वाद और लाभ
सामग्री:-
बबूल की फलिया 50 ग्राम।
एक बड़ी प्याज बारीक कटी हुई।
एक बड़ा टमाटर बारीक कटा हुआ।
दो नग बारीक, कटी हुई हरी मिर्च।
एक छोटा बारीक कटा हुआ कच्चा आम।
पांच कली लहसुन का पेस्ट।
एक छोटी चम्मच मिर्च पाउडर।
छोटी चम्मच धनिया पाउडर।
एक चौथाई छोटी चम्मच हल्दी पाउडर।
एक चम्मच आमचूर।
एक छोटी चम्मच जीरा।
एक चुटकी हींग।
दो बड़ी चम्मच सरसों का तेल।
नमक स्वादानुसार।
चुनना एक चम्मच।
पिसा धनिया एक छोटी चम्मच।
सब्जी बनाने की विधि:-
बबूल की फलियां लें। उसे ऐसा काटे की हर टुकड़े में एक ही बिच हो। अब इन्हें धोकर नमक और चूने के पानी में तब तक उबालें जब तक नरम और उसका कड़वापन दूर न हो जाए। अब पानी निचोड़कर फलियों अलग रख दें। अब कढ़ाई में तेल गर्म करें।और जीरा, हींग डालकर चटकने दे।
अब प्याज और लहसुन डालकर पकाएं। इसके बाद टमाटर, हरी मिर्च, कच्चा आम, पिसा धनिया पाउडर, हल्दी, मिर्च पाउडर,नमक और आमचूर डालें।
इन्हें अच्छे से मिलाएं और उबली हुई फलियां डालकर फिर उसमें थोड़ा पानी डालकर कुछ देर पकाएं जिससे मसाला फली के अंदर तक चला जाए।
सब्जी अच्छे से पकने के बाद गैस बंद करके उसमें ऊपर से थोड़ा सा गर्म मसाला छिड़क कर मिलाएँ।
पट्टी फलियों की सब्जी तैयार है। इसमें गेहूं, ज्वार, बाजरे की रोटी के साथ खा सकते हैं।
FAQs:
बबूल की फली क्या है?
बबूल की फली एक पौधे की फली है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है और इसे कई पारंपरिक भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है।बबूल की फली के क्या फायदे हैं?
बबूल की फली पाचन सुधारने, प्रदाह को कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है। यह प्राकृतिक गुणों से भरपूर है।क्या चूना उपयोग करना सुरक्षित है?
पारंपरिक रसोई में फली का कड़वापन दूर करने के लिए चूना उपयोग किया जाता है। हालांकि, इसे कम मात्रा में और सही अनुपात में उपयोग करना चाहिए।बबूल की फली की सब्जी के साथ कौनसी रोटी बेहतर लगती है?
यह सब्जी गेहूं, ज्वार, या बाजरे की रोटी के साथ स्वादिष्ट लगती है और पोषण से भरपूर होती है।

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