अमरबेल: एक अद्भुत औषधीय पौधा
अमरबेल: एक अद्भुत औषधीय पौधा
अमरवेल एक प्रकार की लता है, ये प्रायः खेतों में मिलती है।यह पौधा एक शाकिब परजीवी है जिसमें पत्तियों और परणहरित का पूर्णतः अभाव होता है।यह बेल बबूल,कीकर ,बेर पर पीले जाल के रूप में लिपटी रहती है और उन्हीं पौधों पेड़ से पोषण लेती रहती है। इसको आकाशबेल,अमरबेल, बल्लरी भी कहते हैं।अमर बेल की तासीर शीत और पित्तशामक होती है।
अमरबेल के उपयोग।
काढा:- अमर बेल को पानी में उबालकर बनाया जाता है।
रस:-अमर बेल की लता का रस निकालकर सेवन किया जाता है
पाउडर:-अमर बेल को सुखाकर पाउडर बनाए जाते हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता है।
लेप:-बेल को पीसकर लेप बनाया जाता है।
अमरबेल के लाभ।
अमरबेल का कड़ा लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्या कम होती है।
अमर बेल पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाता है, प्रजनन क्षमता और मांसपेशियों का विकास में सुधार करके नाखूनसक।सकता की समस्या को कम करता है।
अमर बेल कोलेस्ट्रॉल और शंकर आशीष को नियंत्रित करता है, जो मधुमेह और हार्ट रोगियों के लिए लाभकारी।
अमरबेल में सूजन रोधी गुण होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
अमरबेल त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है यह बालों का झड़ना और रूखेपन को कम करता है और त्वचा पर झुर्रियां भी कम करता है। त्वचा को चमकदार बनाता है। इस लैब के बहुत से लाभ हो।
अमर बेल का उपयोग बुखार, खांसी और अन्य शव सन समस्याओं में लाभकारी है।
अमरबेल के औषधीय गुण पित और कफ दोष को संतुलित करने में सहायक देते हैं।
अमर बेल के सेवन से मिट्टी बूस्ट होती है।
यह रक्त शुद्धि और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम करता है।
बार अमर बेल का एक चम्मच रस निकालकर दूध में मिलाकर पिलाने से लंबाई बढ़ती है.
नोट:- इसका उपयोग किसी एक्स्पर्ट की सलाह से ही करें।

कोई टिप्पणी नहीं