पित्ताशय की पथरी के घरेलू उपाय और रोकथाम
पित्ताशय की पथरी के घरेलू उपाय और रोकथाम
पित की थैली में पथरी पित में कठोर जमाव होने से पिताशय में बनती है। यह आम है। पिताशय में पथरी खासकर महिलाओं को होती है। पिताशय की पथरी हमेशा समस्या पैदा नहीं करतीं, लेकिन यदि पत्रिका अंश भी पीठ की नली में फंस जाए।और प्रभा में कोई रुकावट कर दें तो समस्याएं पैदा कर सकती है। पित्ताशय की पथरी के कुछ आम प्रकार।
कोलेस्ट्रॉल से बनने वाली पथरी ये अक्सर पीले रंग की दिखाई देती है। ये पित पत्री मुख्य रूप से आर यू लर्न शील कोलेस्ट्रॉल से बनती है।
पिगमेंट प थ्री ये गहरे भरे रंग या काले रंग की पथरी होती है। यह तब बनती है जब आपके पित में बहुत अधिक विलो रूबी होता है।
नोट:- पित्ताशय की पथरी हो तो सबसे पहले डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर पित की थैली को हटाने की सलाह देते हैं। इसे की होल सर्जरी।जिसमें पेट में छोटे चीरे के माध्यम से पित की थैली निकाली जाती है।
पित्ताशय की पथरी के कुछ लक्षण:-
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द, पाचन संबंधी दिक्कतें, पतली और उल्टी, गैस या मल निकलने में परेशानी होना, दस्त और पीलिया पेट फूलना पित की पथरी के लक्षण है।
पित की पथरी के कारण:-
पिता में बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल बिलिरूबीन।
थैली का पूरी तरह खाली न होना।
उपचार:-
यदि पिताशय के कारण कोई लक्षण नहीं होते हैं तो आमतौर पर उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।
यदि पित्ताशय की पथरी के कारण लक्षण होते हैं तो आमतौर पर डॉक्टर सर्जरी के पिता शेख की थैली को हटा देते हैं।
आशय की पथरी के रोकथाम और घरेलू उपचार:-
एक सवस्थ आहार लें जिसमें कम वसा और उच्च फाइबर हो।
अपने वजन को नियंत्रित रखें।
नियमित रूप से व्यायाम करें कुछ योगासन के नाम जो पथरी में लाभदायक है।
भुजंगासन
धनुरासन
पश्चिमोत्तानासन।
राल भा आसन।
पित्ताशय की सफाई करने से पित्ताशय की पथरी टूट जाती है और पिता शिया खाली हो जाता है। ये लोगों का मानना है, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि इससे पित्ताशय की पथरी बाहर निकल जाती है। पिताश्री की सफाई विधि में नीबू का रस,जैतून का तेल, सेब का रस, सब्जियों का रस शामिल हैं पिता शेख की थैली को साफ करने है। अगर मिश्रण में जैतून के तेल की मात्रा अधिक हो गयी तो उल्टी दस्त, मतली की शिकायत हो सकती है।
पित्ताशय की पथरी के घरेलू उपचार:-
नींबू:-नींबू के मैं अधिक मात्रा में फाइबर, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस होता है। इससे सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, इससे पित्ताशय की पथरी बनने के कारण भी कम हो जाता है।
हल्दी:-हल्दी में विटामिन सी।बेसिक्स एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। हल्दी के गुण पित्ताशय की पत्नी को दूर कर सकते हैं। इसके लिए हर रोज़ एक चम्मच हल्दी के चूर्ण का सेवन करें।हल्दी की गुणवत्ता अच्छी हो।
नारियल पानी:-नारियल पानी पूर्व पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये पित्ताशय की पथरी निकालने में मदद कर सकते हैं। नारियल पानी पेट की सफाई करता है। इसे लाते से बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं।
अदरक:- अदरक में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, कोलेस्ट्रॉल, फैट, सोडियम आदि होते हैं।अदरक के रस के गुण पित्ताशय की पत्नी को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसके रस का रोजाना सेवन करने से कुछ दिनों में आराम मिलने लगेगा।
लवेरा में विटामिन्स, मिनरल्स शुगर।एन्जॉय एम्स एमिनो एसिड होते हैं। एलोवेरा के सेवन करने से पिताशय में मौजूद पत्री को खत्म करने में मदद मिल सकती है। इसके सेवन करना और भी बहुत से फायदे हैं।
सेब का सिरका:-इसे पानी के साथ मिलाकर सेवन करने से पित्ताशय की पदार्थ की दर्द को कम करने में मदद मिलेंगे में सीधे सेवन ना करें। इसमें अमल होता है जो आंतों को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आपको यह सब करने से कोई लाभ नहीं मिल रहा है तो।डॉक्टर से परामर्श लें और सर्जरी के पित्ताशय की थैली को हटवाएं।

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