एंजाइटी: मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी समस्या
एंजाइटी: मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी समस्या
एनजाइटी या चिंता की कई कारण हो सकते हैं, जिसमें तनावपूर्ण स्थितियों, घात या शारीरिक बीमारियां शामिल हैं। कुछ लोगों में एंजाइटी किसी चीज़ को लेकर भी अत्यधिक डर लगने से भी हो सकता है, जैसा करुणा के समय में बहुत से लोग इंजाइटी की समस्याओं से जूझ रहे थे।आज भी माहौल कुछ ऐसा ही है। लोगों को युद्ध होने के कारण डर का माहौल बना हुआ है। जिसका कारण लोगों में फिर से एंजायटी की समस्या शुरू हो गई है। मेडिकल साइंस में अंतर स्रावी तंत्र एंड रोना लाइन, थायरॉयड हार्मोन और कॉर्टिसोल जैसे विभिन्न हार्मोन के माध्यम से।इन दोनों स्थितियों को प्रभावित कर सकता है।इन हार्मोन में असंतुलन, जैसे कि कुछ अंत स्त्रावी विकारो में देखा जाता है और घबराहट पैदा कर सकता है और कंपन को बढ़ा सकता है।
एंजाइटी को डिप्रेशन की स्थिति में नहीं रखा जा सकता। ये दोनों अलग अलग इसलिये है इन दोनों को एक समझने में गलती न करें। हालांकि इंजाइटी और डिप्रेशन दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियां हैं, लेकिन।उनके लक्षण, अनुभव अलग अलग है। एसआइटी में अत्यधिक चिंता और डर की भावना होती है, जबकि डिप्रेशन में उदासी और निराशा की भावना होती है जो व्यक्ति को कई बार तो सुसाइड मिल की तरफ ले जा सकती है।
एंजाइटी के कई कारण:-
जीवन में घटी कोई बड़ी घटना?का होना जैसे परिवार में किसी मुख्य जने को मृत्यु काम का तनाव या किसी परेशानी के कारण चिंतित रहना भी एसआइटी का कारण बन सकता है।
का आघात यानी किसी व्यक्ति अपने जीवन में किसी दर्दनाक घटना का सामना किया हो तो उन्हें एंजाइटी डिसोर्डर का खतरा अधिक होता है।
कुछ बीमारियां जैसे कि थायरॉइड की समस्या और हृदय रोग एंजायटी का कारण बन सकता है।
कई बार एंजाइटी किसी विशेष चीज़ से डरने या किसी विशेष स्थिति में बचने की इच्छा से भी हो सकती है।
विटामिन डी, थ्री, बी 12 या हीमोग्लोबिन के स्तर में कमी जैसे अंतनिर्हित मेटाबॉलिक स्थितियां भी एंजाइटी को ट्रिगर कर सकती है।

कोई टिप्पणी नहीं