राजस्थानी दाल बाटी चूरमा और लाल मांस की पूरी रेसिपी | घर पर बनाएं ऑथेंटिक स्वाद 2025
राजस्थानी दाल बाटी चूरमा और लाल मांस की पूरी रेसिपी | घर पर बनाएं ऑथेंटिक स्वाद 2025
परिचय:-
क्या आपने कभी राजस्थान की रेगिस्तानी मिट्टी से निकले उन स्वादों का अनुभव किया है जो दिल में घर बना लेते हैं? आज हम लेकर आए हैं राजस्थान के दो सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजनों की संपूर्ण रेसिपी। दाल बाटी चूरमा - यह सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि राजस्थानी संस्कृति की आत्मा है। वहीं लाल मांस राजपूती रसोई का गौरव है, जिसकी लालिमा और तीखेपन में छुपी है सदियों पुरानी परंपरा।
इन व्यंजनों की खासियत यह है कि ये न केवल पेट भरते हैं, बल्कि दिल में भी बस जाते हैं। दाल बाटी चूरमा का मिठास भरा चूरमा, कुरकुरी बाटी और स्वादिष्ट दाल का संयोजन एक अनोखा अनुभव देता है। वहीं लाल मांस की मथानिया मिर्च की लालिमा और मसालों का जादू आपकी जुबान पर रंग बिखेर देता है।
आज हम इन्हीं व्यंजनों को घर पर बनाने की आसान और पूर्ण विधि लेकर आए हैं, जिससे आप भी अपने घर में राजस्थान का स्वाद ला सकेंगे।
दाल बाटी चूरमा
बाटी बनाने की विधि
सामग्री:
दो कप गेहूं का आटा
एक चौथाई कप सूजी (रवा)
एक चौथाई चम्मच बेकिंग पाउडर
एक चौथाई कप घी
स्वादानुसार नमक
पानी (गूंथने के लिए)
विधि:
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में आटा, सूजी, बेकिंग पाउडर, घी और नमक डालें।
आवश्यकता अनुसार पानी मिलाकर सख्त आटा गूथ लें।
आटे की लोई बनाकर बाँल्स बना लें और हल्का सा दबाकर गोल आकार दें।
गैस पर तवा या कढ़ाई मध्यम आंच पर रखें, थोड़ा घी डालकर बाटियों को धीमी आंच पर सेंकें।
बीच-बीच में उलटते रहें, लगभग 30 मिनट तक या जब तक बाटी सुनहरी और अच्छे से पक न जाए।
तैयार बाटी को गर्म घी में डुबोकर रखें ताकि वह नरम और स्वादिष्ट हो जाए।
चूरमा बनाने की विधि
सामग्री:
2 टेबल स्पून घी
3 टेबल स्पून शक्कर
2 टेबल स्पून काजू-बादाम (कटा हुआ)
1/4 चम्मच इलायची पाउडर
विधि:
तैयार बाटियों को टुकड़ों में काटकर मिक्सी से दरदरा पीस लें।
कढ़ाई में घी गरम करें, इसमें बाटियों का चूरा डालकर सुनहरा भून लें।
ठंडा होने पर शक्कर, काजू-बादाम, इलायची पाउडर मिलाएं।
चूरमा तैयार है।
दाल बनाने की विधि
सामग्री:
आधा कप धुली मूंग या हरी दाल
एक चौथाई कप मसूर दाल
एक चौथाई कप चना दाल
स्वादानुसार नमक
तीन कप पानी
2-3 टेबल स्पून घी
1/2 चम्मच राई
1/2 चम्मच जीरा
एक चुटकी हिंग
एक प्याज (मोटा कटा)
एक चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
एक हरी मिर्च, टुकड़ों में कटी
एक टमाटर, बारीक कटा
1/4 चम्मच हल्दी
1/2 चम्मच कश्मीरी मिर्च
1/4 चम्मच गरम मसाला
धनिया पत्ती (गार्निशिंग के लिए)
विधि:
दालों को 30 मिनट भिगोकर कुकर में एक सीटी तक उबालें।
पैन में घी गरम करें, उसमें राई, जीरा, हिंग डालें।
अब प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च डालकर भूनें।
टमाटर, हल्दी, कश्मीरी मिर्च, गरम मसाला, नमक डालें और अच्छी तरह पकाएं।
उबली हुई दाल और एक कप पानी डालकर 5 मिनट पकाएं।
धनिया डालें और सर्व करें।
लाल मांस
सामग्री
10 कश्मीरी लाल मिर्च (20 मिनट भिगोकर पीस लें)
500 ग्राम मटन (छोटे टुकड़ों में)
1/2 कप दही
1 चम्मच जीरा
2 चम्मच जीरा पाउडर
2 चम्मच धनिया पाउडर
2 टेबल स्पून अदरक-लहसुन पेस्ट
घी
1/2 चम्मच हल्दी
2 बड़ी इलायची, 3 छोटी इलायची
1 इंच दालचीनी
3 लौंग
1 तेजपत्ता
3 प्याज (बारीक कटा)
1/2 चम्मच गरम मसाला
नमक स्वादानुसार
हरा धनिया गार्निश के लिए
धुआं देने के लिए कोयला
विधि
सबसे पहले मिर्च को पानी में भिगोएं और थोड़ा उबाल लें; फिर पीस लें।
प्याले में मटन, दही, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, हल्दी, आधा अदरक-लहसुन पेस्ट, और मिर्च का पेस्ट मिलाकर एक घंटे मैरिनेट करें।
कड़ाही में घी गर्म करें, पूरी साबुत मसालों (इलायची, दालचीनी, तेजपत्ता, लौंग) का तड़का लगाएं, फिर प्याज डालें और सुनहरा होने तक भूनें।
बचा हुआ अदरक-लहसुन पेस्ट डालें और थोड़ा भूनें।
अब मटन वाला मैरिनेट मिला मिश्रण डालें और तेज आंच पर 2-3 मिनट पकाएं।
स्वादानुसार नमक डालें, आवश्यकता हो तो पानी डालें।
ढककर 20-25 मिनट तक पकाएं, जब तक मटन नरम न हो जाए।
अब एक छोटा बर्तन लें, उसमें गरम कोयला रखकर उसमें थोड़ा घी डालकर तुरंत ढक्कन बंद करें ताकि धुआं मटन में समा जाए, 2-3 मिनट बाद खोलें।
गरम मसाला डालें, अच्छी तरह मिलाएं, हरा धनिया डाले।
गरमा गरम लाल मांस को चपाती, चावल या परांठे के साथ परोसें.
FAQ:-
प्रश्न 1: दाल बाटी चूरमा में कौन सी दालें इस्तेमाल करें?
उत्तर: मूंग दाल, चना दाल, मसूर दाल और थोड़ी उरद दाल का मिश्रण सबसे बेहतर होता है।
प्रश्न 2: बाटी को बिना ओवन के कैसे बनाएं?
उत्तर: आप बाटी को कढ़ाई में घी डालकर धीमी आंच पर 30 मिनट तक पका सकते हैं।
प्रश्न 3: लाल मांस के लिए मथानिया मिर्च कहां मिलेगी?
उत्तर: मथानिया मिर्च ऑनलाइन या किसी राजस्थानी ग्रॉसरी स्टोर से मिल जाएगी। वैकल्पिक रूप में कश्मीरी लाल मिर्च का भी प्रयोग कर सकते हैं।
प्रश्न 4: चूरमा कितने दिन तक खराब नहीं होता?
उत्तर: सही तरीके से स्टोर किया गया चूरमा 7-10 दिन तक ताज़ा रहता है।
प्रश्न 5: लाल मांस में धुआं देना क्यों जरूरी है?
उत्तर: धुआं देने से व्यंजन में पारंपरिक स्वाद और खुशबू आती है जो इसे ऑथेंटिक बनाती है।
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