क्यों लगता है कोई सीने पर बैठा है? स्लीप पैरालिसिस के खौफनाक अनुभव
क्यों लगता है कोई सीने पर बैठा है? स्लीप पैरालिसिस के खौफनाक अनुभव
स्लीप पैरालिसिस कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन प्रभावित व्यक्ति के साथ साथ उनके परिवार के सदस्यों के लिए एक परेशान करनेवाला और डरावना क्षण होता है। कई बार तो ये शान डरावने से भी ज्यादा डरावना हो जाता है। जब आप नींद से अचानक हो जाते हैं और उस क्षण आपका दिमाग और आंखें तो प्रतिक्रिया कर रही है लेकिन आप अपने हाथ पैर नहीं हिला पा रहे है।और आपकी आवाज भी बंद हो जाती है आप किसी को भुलाने की आवाज लगाने की बहुत कोशिश करते हैं, लेकिन आपकी सारी कोशिश नाकाम हो जाती है। जब आपके गले से कुछ भी आवाज नहीं निकलती है उस क्षण में आदमी बहुत डर जाता है। पहले के समय में लोग इसे।दबना या फिर किसी नेगेटिव एनर्जी का छाती पर बैठना कहते थे पैरालिसिस नींद की एक स्थिति है। व्यक्ति दो चरणों के बीच नींद लेता है। एक एनआरईएम्(NREM)रैपिड आई मूवमेंट और दूसरा है आरईएम(REM)रैपिड आई मूवमेंट जब आप दूसरे चरण में पहुंचते हैं तो नींद गहरी होती है और इसी के साथ बंद आंखें भी तेजी से मूवमेंट करती है। इसी दौरान दिमाग शरीर को शीतल करता है जिससे आप गहरी नींद में सपने देखते हुए उन पर प्रतिक्रिया नहीं कर पाते हैं।वैसे स्लीप पैरालिसिस कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन सही निवारक उपायों की मदद से आप स्लिप पैरालिसिस के खतरे और इसकी जटिलताओं को दूर रख सकते हैं।स्लीप पैरालिसिस के दौरान उठाए जाने वाले कदम।
नींद की गुणवत्ता से सुधार करे, नींद को अच्छे से पूरा करें।
सोने से पहले स्नान करके किताब पढ़कर यह संगीत सुन कर आराम करें।
स्लीप पैरालिसिस की आपके जीवन में सिर्फ एक बार की समस्या हो सकती है, लेकिन ये हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकती है। इसके होने की संभावना तब ज्यादा होती है जब आप तनाव में होते हैं या जब आप ठीक से सो नहीं पाते हैं।
स्लीप पैरालिसिस के लक्षण।
आप अपने हाथ पैर नहीं हिला सकते।
छाती पर दबाव ऐसा लगना जैसे सांस शरीर से बाहर निकल जाएगी।
मतिभ्रम हो ना मानो ऐसा लगना जैसे कमरे में कोई खतरनाक व्यक्ति अहसास है।
बोल नहीं पाना।
दिन में नींद आना।

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